दोपहर का समय था। पूना में सेना के वित्त विभाग के कार्यालय में एक नौजवान कर्मचारी बार-बार गिड़गिड़ाकर दो दिन की छुट्टी माँग रहा था। मगर अंग्रेज़ अधिकारी ने उसकी छुट्टी की अर्ज़ी मंजूर करने से इंकार कर दिया। इस ...

परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है जहां से व्यक्ति संस्कारवान होकर मानव एवं संपूर्ण सृष्टि के बारे में ज्ञानार्जन करता है। भारत प्राचीन काल से ही संयुक्त परिवार की इस सभ्य परंपरा को सहेजता हुआ,संभालता हुआ वर्तमान की दहलीज़ ...

जैसा कि आप जानते होंगे आजकल के तनावपूर्ण दौर में पाठक हास्य कहानियाँ या कॉमेडी बहुत पसंद करते हैं। उनकी इस माँग और रूचि को ध्यान में रखते हुए हमने यह हास्य कहानियों का संग्रह तैयार किया है। हास्य कथाओं ...

मुंशी प्रेमचंद की जीवनी (Munsi Premchand) # विषय जानकारियाँ  1. नाम मुंशी प्रेमचंद 2. पूरा नाम धनपत राय श्रीवास्तव 3. जन्म और स्थल 31 जुलाई 1880 वाराणसी, निकट लमही गाँव 4. भाषा हिंदी, उर्दू 5. शिक्षा का आरंभ उर्दू, फ़ारसी। 6. प्रमुख रचनाएँ गोदान, कर्मभूमि, रंगभूमि, सेवासदन 7. कार्य क्षेत्र अध्यापक, लेखक, पत्रकार, 8. माता का नाम आनन्दी देवी 9. पिता का नाम मुंशी अजायबराय 10 मृत्यु 8,अक्टूबर 1936 . मुंशी प्रेमचंद का जन्म वाराणसी ...

आत्मकथा गद्य की एक नवीन विधा है। यह उपन्यास कहानी-जीवनी की भाँति लोकप्रिय है। इसमें लेखक अपनी अन्तरंग जीवन-झाँकी चित्रित करता है और व्यक्ति, समाज, समूह के विषय में निजी अनुभूतियों को शब्द चित्रों के माध्यम से अभिव्यंजित कर देता ...

खूबसूरती या हुस्न की तारीफ का साहित्य में और आम जिंदगी में क्या महत्व है? पहले हम इसके बारे में थोड़ी सी चर्चा कर लेते हैं। तारीफ करने की आदत रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। किसी ...